📍दीपका/कोरबा।
दीपका नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई नल-जल योजना का लाभ कई वार्डों के लोगों तक आज भी नहीं पहुंच पा रहा है। हालात ऐसे हैं कि जिन परिवारों को घर-घर स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने का दावा किया गया था, वे अब रोजमर्रा की

जानकारी के अनुसार, करीब छह वर्ष पहले क्षेत्र के तीन से चार वार्डों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अत्याधुनिक वाटर फिल्टर प्लांट, ऊंची पानी टंकी और पाइपलाइन नेटवर्क तैयार किया गया था। परियोजना पर बड़ी राशि खर्च की गई, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि योजना का अपेक्षित लाभ उन्हें कभी नहीं मिला।
सबसे अधिक परेशानी वार्ड क्रमांक 1 शहीद वीर नारायण सिंह वार्ड के गोबरघोरा रोहिदास मोहल्ला में देखने को मिल रही है। यहां पिछले लगभग दो महीनों से नलों में पानी नहीं आने से लोग गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। महिलाओं और बुजुर्गों को पीने तथा घरेलू उपयोग के लिए दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
पार्षद ने उठाए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
वार्ड पार्षद कमलेश जायसवाल का कहना है कि इस समस्या से नगर पालिका प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल रही है, जिससे नागरिकों में प्रशासन के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ रही है।

ज्ञापन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
बताया गया कि 12 जुलाई 2026 को वार्ड पार्षद और स्थानीय नागरिकों ने संयुक्त रूप से मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को लिखित ज्ञापन सौंपकर जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की थी। हालांकि, स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक इस दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दी है।
समाधान नहीं हुआ तो होगा आंदोलन

मोहल्लावासियों और जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं की गई तो नगर पालिका कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उनका कहना है कि यदि आंदोलन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति बनती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।