छुरीकला (कोरबा)। नगर पंचायत छुरीकला की मुख्य सड़क इन दिनों आवारा मवेशियों का स्थायी ठिकाना बन चुकी है। शाम ढलते ही सड़क के बीचों-बीच गाय, बैल और अन्य मवेशियों के बड़े-बड़े झुंड बैठ जाते हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

नगर की मुख्य सड़क हाईस्कूल से लेकर बस स्टैंड सलोरा तक सबसे अधिक व्यस्त मार्गों में से एक मानी जाती है। इस सड़क से दिनभर दोपहिया, चारपहिया, स्कूल वाहन, बसें और भारी वाहन गुजरते हैं। बावजूद इसके सड़क पर बैठे आवारा मवेशियों को हटाने की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। परिणामस्वरूप वाहन चालकों को हर समय सतर्क रहना पड़ता है।

रात के समय स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण दूर से बैठे मवेशी दिखाई नहीं देते। अचानक सामने आने पर चालक ब्रेक लगाने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे वाहन फिसलने, टकराने और गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
सिर्फ सड़क सुरक्षा ही नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत पर भी इसका असर पड़ रहा है। क्षेत्र में बोआई के बाद धान की फसल अब अंकुरित होने लगी है। ऐसे समय में आवारा मवेशी खेतों में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों का कहना है कि दिन-रात खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है, फिर भी फसल सुरक्षित नहीं रह पा रही है। इससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उनकी चिंता भी बढ़ गई है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार नगर पंचायत और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मवेशियों को सुरक्षित गौशालाओं या निर्धारित स्थानों पर नहीं पहुंचाया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्य सड़क से आवारा मवेशियों को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए और पशु मालिकों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि सड़क पर चलने वाले लोग और खेतों में मेहनत करने वाले किसान दोनों सुरक्षित रह सकें।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की समय पर कार्रवाई न केवल सड़क दुर्घटनाओं को रोक सकती है, बल्कि किसानों को होने वाले नुकसान से भी बचाया जा सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक करता है।