प्राथमिक शाला बिंझवारपारा में वृहद वृक्षारोपण, बच्चों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
दीपका के प्राथमिक शाला बिंझवारपारा में पार्षद कमलेश जायसवाल की उपस्थिति में वृहद वृक्षारोपण अभियान आयोजित हुआ। बच्चों और शिक्षकों ने पौधों की देखभाल एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

प्राथमिक शाला बिंझवारपारा में हुआ वृहद वृक्षारोपण
दीपका कोरबा । पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित तथा हरित वातावरण देने के उद्देश्य से प्राथमिक शाला बिंझवारपारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रेरणादायक अभियान में वार्ड क्रमांक-1 के लोकप्रिय पार्षद कमलेश जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके नेतृत्व में विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के छायादार, फलदार और औषधीय पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान विद्यालय परिवार, शिक्षक, छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।


पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल
आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में प्राथमिक शाला बिंझवारपारा वृक्षारोपण अभियान समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों और समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी था।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में ऐसे पौधे लगाए गए जो भविष्य में न केवल परिसर को हरा-भरा बनाएंगे, बल्कि स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पौधारोपण के साथ-साथ सभी को पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प दिलाया गया।
फलदार और औषधीय पौधों का किया गया रोपण
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि विद्यालय परिसर में केवल छायादार पौधे ही नहीं लगाए गए, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए फलदार तथा औषधीय पौधों का भी रोपण किया गया। इन पौधों से भविष्य में विद्यार्थियों को प्रकृति के महत्व को समझने का अवसर मिलेगा और विद्यालय परिसर एक सुंदर ग्रीन कैंपस के रूप में विकसित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालयों में हरियाली बढ़ने से बच्चों का मानसिक विकास बेहतर होता है। प्राकृतिक वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने से बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।
कमलेश जायसवाल ने दिया पर्यावरण बचाने का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्षद कमलेश जायसवाल ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन का आधार हैं। इनके बिना जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके बड़े होने तक उसकी देखभाल भी करे।

उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण कर फोटो खिंचवा लेना पर्याप्त नहीं है। वास्तविक पर्यावरण संरक्षण तभी संभव है जब लगाए गए पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल की जाए। यदि हर व्यक्ति इस दिशा में अपना योगदान दे, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण को काफी हद तक सुरक्षित बनाया जा सकता है।
बच्चों और शिक्षकों ने लिया संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधान पाठक सूर्य भूषण प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में सभी शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपने हाथों से पौधे लगाए और उन्हें नियमित पानी देने तथा उनकी सुरक्षा करने का संकल्प लिया।
विद्यालय परिसर में बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पौधारोपण के दौरान बच्चों को पेड़ों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ वातावरण के बारे में जानकारी भी दी गई। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि आज लगाया गया एक छोटा-सा पौधा आने वाले वर्षों में हजारों लोगों को स्वच्छ हवा और छाया प्रदान करेगा।
विद्यालय परिवार का रहा महत्वपूर्ण योगदान
इस सफल आयोजन में विद्यालय परिवार की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रधान पाठक सूर्य भूषण प्रताप सिंह, सहायक शिक्षक पोखराज सिंह कंवर, सहायक शिक्षिका सविता कुर्रे, सहारा बाई, तिलकेश बाई सहित विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहयोग दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रधान पाठक सूर्य भूषण प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथि पार्षद कमलेश जायसवाल सहित सभी उपस्थित अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर को आदर्श ग्रीन कैंपस बनाने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और समय-समय पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
समाज के लिए प्रेरणा बना यह अभियान
प्राथमिक शाला बिंझवारपारा वृक्षारोपण कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का एक सशक्त प्रयास भी रहा। इस अभियान ने यह संदेश दिया कि यदि विद्यालय, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करें, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, स्वस्थ और हराभरा भविष्य दिया जा सकता है।
आज आवश्यकता केवल पौधे लगाने की नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखने और पेड़ों में बदलने की है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस जिम्मेदारी को निभाए, तो पर्यावरण संरक्षण का सपना निश्चित रूप से साकार होगा। यही संदेश इस पूरे कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
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